ऐसा होता की १७ साल में विम्बलडन जितने वाली मारिया शारापोवा भी सचिन की तरह परिपक्व होतीं !!!
साल २०१६ का प्रारम्भ था । मारिया के निजी खेल प्रबंधक ने विश्व टेनिस महासंघ द्वारा जारी किए गए प्रतिबंधित दवाओं की नई सूची को नहीं पढ़ा था । बाद में ऐसा कहा गया था कि वो निजी समस्याओं से त्रस्त थे ।
ख़ैर ! इधर मारिया, टेनिस से लभ्य ख्याति के फलस्वाद में प्रायोजकों के विज्ञापनों को प्रचारित करने में आत्ममुग्ध थीं । पूर्वाभास के सम्मोहन में अपने प्रबंधक पर पूर्णनिर्भर मारिया ने भी प्रतिबंधित दवाओं की नई सूची को नहीं पढा था ।
मेलड्रॉनेट (मेलड्रॉनीयम) अब प्रतिबंधित दवाओं की सूची में था । मारिया विगत दस वर्षों से मेलड्रॉनेट का सेवन चिकित्सीय कारणों से कर रहीं थीं और जनवरी २०१६ के बाद भी कर रही थीं ।
परिणामतः २०१६ में ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले हुए डोपिंग टेस्ट में मारिया को प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोसी पाया गया और उन्हें नियमों के उलंघन के लिए डेढ़ साल तक टेनिस से प्रतिबंधित कर दिया था ।
विश्व टैनिस महासंघ के अध्यक्ष ने अपनी सफाई में यह कहा था कि जिस खेल के कारण आपकी ख्याति है, प्रसिद्धि है, आपने रुपये बनाये हैं , उसके प्रति इतनी लापरवाही कैसे क्षम्य हो सकता है .....
#मारिया
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