बुधवार, 29 मई 2019

रटे हुए खिलाड़ियों के नाम और उनके खेल

2003-04 में प्रतियोगिता दर्पण पत्रिका 22 रुपये में और सामान्य ज्ञान दर्पण 18 रुपये में उपलब्ध हो जाती थी । 

साल के चार ग्रैंड स्लैम के विजेताओं के नाम मैं इसलिए रट लिया करता था ताकि परीक्षा में पूछे जाने पर उसका जवाब दिया जा सके ।

अमूमन ये होता है कि जिस खेल के खिलाड़ियों के नाम आपको याद रहते हों वो खेल आपको धीरे-धीरे प्रिय लगने लगता है ।

वो दौर फ़ेडरर का था, 237 सप्ताह तक शीर्ष पर बने रहने के दौर, वीनस बहनों का पराक्रम तब भी था पर किम क्लस्टर्स और शारापोवा के आने के बाद इस खेल में रंगत और भी आ गई थी ।अन्ना कुर्निकोवा का जो जलवा था उसका अपना अलग ही लेवल था।

अब नडाल आ चुके थे और ये दौर नडाल और उनके क्ले कोर्ट पर बिखरते हुए जलवे का दौर था । फ़ेडरर साल में होने वाले बाकी तीन ग्रेंड स्लैम तो जित लेते थे लेकिन क्ले कोर्ट अब अबूझ पहेली थी उनके लिए । घास के मैदान का अजेय योद्धा फ़ेडरर (8 विम्बलडन ), मिट्टी के मैदान पर कहीं टिक नही पा रहे थे । अब नडाल, फ़ेडरर के स्पीड ब्रेकर थे  ।

समय के साथ जीत के रफ़्तार पर इनके शारिरिक चोट हावी होते रहे और क्रमशः इनकी रफ़्तार भी कमती रही ।

20 ग्रेंड स्लैम के साथ फ़ेडरर इस खेल में अपना कृतिमान स्थापित करने में सफल तो रहे लेकिन नडाल ने उन्हें क्ले कोर्ट में हमेशा परेशान किया ।  नडाल के 17 ग्रैंड स्लैम में से एक आध ग्रैंड स्लैम (फ्रेंच ओपन) भी अगर फ़ेडरर के झोले में आते तो फ़ेडरर की विजयी पताका को ये ग्रैंड स्लैम स्वर्ण जड़ित रत्नों सा सुशोभित करता।

खैर! अब ये दौर जोकोविच का है । इस दौर को जोकोविच ने अपने रंग में ढालने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा है । 15 ग्रैंड स्लैम का विजयी जोकोविच अपनी विजय पताका लिए अग्रसर है और शायद कई सालों बाद जोकोविच ऐसा खिलाड़ी बन जाए जिसने दो बार साल के चारों ग्रैंड स्लैम जीता हो।

सरेना के बारे में फ़िर कभी।

:- रामकृपाल 

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